भाजपा के गढ़ रहे गांवों के भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया कांग्रेस

0
131

छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार के सफलतम दो वर्ष के कार्यकाल व प्रदेश के वनमंत्री मो. अकबर की विकास कार्यों के प्रति सक्रियता से प्रभावित होकर कवर्धा विधानसभा के ग्राम मोटियारी व बरपेलाटोला के भाजपा कार्यकर्ताओं ने पार्टी का साथ छोड़ते हुए आज यहां कांग्रेस प्रवेश कर लिया है।

कांग्रेस प्रवेश करने वालों में ग्राम मोटियारी के 27 व ग्राम बरपेलाटोला के 28 ग्रामीणजन शामिल है। कांग्रेस प्रवेश का यह कार्यक्रम वनमंत्री के शंकर नगर स्थित निवास कार्यालय में संपन्न हुआ।

कवर्धा विधानसभा क्षेत्र के इन दोनों ग्रामों की पहचान भाजपा के गढ़ के रूप में है। यहां से भाजपा कार्यकर्ताओं का जत्था शुक्रवार को राजधानी पहुंचा तथा वनमंत्री से मिलकर कांग्रेस प्रवेश की इच्छा जाहिर की। जिसके बाद मंत्री मोहम्मद अकबर ने इन लोगों को कांग्रेस पार्टी का गमछा पहनाकर विधिवत रूप से इनका कांग्रेस प्रवेश कराया।

कांग्रेस में शामिल होने के पश्चात दोनों ग्रामों के इन लोगों ने कहा कि भूपेश बघेल सरकार के दो वर्ष के कार्यकाल से प्रभावित हुए हैं। कवर्धा विधानसभा का प्रतिनिधित्व करने वाले मो. अकबर की पहचान विकास के लिए दिन-रात कार्य करने वाले नेता के रूप में है।

इसे देखते हुए वे लोग कांग्रेस पार्टी का हिस्सा बनना चाहते थे, अब कांग्रेस कार्यकर्ता के रूप में गौरव महसुस कर रहे हैं क्योंकि अपने 15 वर्षों के कार्यकाल में भाजपा सरकार विकास के कार्य करने में असफल रही थी।

इन्होंने किया प्रवेश

कांग्रेस प्रवेश करने वालों में ग्राम मोटियारी के जगत राम पटेल, रमेश्वर ध्रुर्वे, रजउराम पटेल, गणेश गोड़, शिवदास मानिकपुरी, विनोद पटेल, भगुवा ध्रुर्वे, संतोष श्रीवास, विनोद संतराम पटेल, बलराम सिन्हा, श्रीमती सतरूपा सिन्हा, श्रीमती ननकईया सिन्हा, संतोषी सिन्हा, राम्हीन सिन्हा, सगनी जायसवाल, कुमारी बाई पटेल, शारदा बाई ध्रुर्वे, मिलन बाई पटेल, कुमारी बाई पटेल, रूकमणी श्रीवास, श्याम बाई पटेल, बदहरीन पटेल, बनसिया पटेल, जगराम पटेल, प्यारेलाल सिन्हा, दशरथ ध्रुर्वे आदि शामिल थे।

इसी तरह बरपेलाटोला के कृष्णा मरार, सरपंच प्रतिनिधि रामचंद्र लांझी, रोहित लांझी, शत्रुहन लांझी, बाबुराम मरार, जीवन मरार, बलराम मरार, दुखित राम मरार, सहित मरार समाज के रीखराम, जगेलाल, जगत, शोभा, नोहर, जोहरित, जितेन्द्र, कार्तिक, किशुन, तारण, हीरालाल, रामपटेल, शंकर पटेल, गजेन्द्र पटेल, हिलेश्वर पटेल, देवानंद पटेल, भरतुराम, शिवचरण, कन्हैया पटेल, उमेंद्र यादव शामिल हैं।