अपने पास मोबाइल नहीं रखते थे राम विलास पासवान

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बिहार के दिग्गज नेताओं में शुमार रहे केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान का पिछले सप्ताह निधन हो गया था। इस बार बिहार विधानसभा चुनाव में राम विलास पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) अकेले चुनाव लड़ रही है

पार्टी की सारी जिम्मेदारी उनके बेटे चिराग पासवान के कंधों पर है। पिता की मौत के बाद चिराग पासवान वर्चुअल मीटिंग के माध्यम से कार्यकर्ताओं से बातचीत कर रहे हैं, उनका हौसला बढ़ा रहे हैं।

चिराग पासवान ने कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग की है, वो बेहद टेक्नोलॉजी फ्रेंडली हैं। हालांकि उनके पिता राम विलास पासवान आखिर तक अपने पास मोबाइल भी नहीं रखते थे।

परंतु राम विलास पासवान ने कभी अपने बेटे चिराग को मोबाइल के इस्तेमाल करने से नहीं रोका। 2014 में राम विलास पासवान और चिराग पासवान दोनों इंडिया टीवी के कार्यक्रम ‘आप की अदालत’ में एक साथ आए थे।

तब ‘आप की अदालत’ में रजत शर्मा ने राम विलास पासवान से पूछा था कि आप चिराग को फिल्मों में देखना चाहेंगे या राजनीति में ? तो राम विलास पासवान ने कहा था कि मैं हर मां-बाप को यही सजेशन दूंगा कि वो अपने बच्चों पर अपने विचार ना थोपें।

मैंने कभी मोबाइल नहीं चलाया पर आजकल के बच्चे फटाफट मोबाइल चलाते हैं। राम विलास पासवान ने आगे कहा था मैने आज तक चिराग पर अपने विचार नहीं थोपे, चिराग को जब जो अच्छा लगा हमने हमेशा उसका समर्थन किया। अब मैं खुद चिराग से राय लेता हूं।

रजत शर्मा ने जब चिराग और राम विलास पासवान पर वंशवाद की राजनीति को बढाने का आरोप लगाते हुए कहा था कि चिराग को सीधे पैराशूट से संसदीय बोर्ड का अध्यक्ष बना दिया गया ? तो राम विलास पासवान ने जवाब देते हुए कहा था यह फैसला पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का था।

उन्हें लगता था कि चिराग राष्ट्रीय अध्यक्ष के सामने ज्यादा मजबूती से पार्टी की आवाज़ उठा सकेंगे और उन्हें कई बातों के लिए मना भी सकेंगे।