कोई भी ताकत दीदी और हमारे बीच दरार नहीं डाल सकती

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तृणमूल कांग्रेस हिन्दी प्रकोष्ठ के दक्षिण कोलकाता में आयोजित कार्यक्रम में भारी संख्या में हिन्दीभाषी और सिख समुदाय के लोग पहुंचे और कहा कि ममता दीदी के साथ हम हैं, कोई भी ताकत हमारे बीच दरार नहीं डाल सकती है।

जय हिन्द बैंक्वेट में आयोजित कार्यक्रम में तृणमूल कांग्रेस हिंदी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष विवेक गुप्त ने सिख समुदाय के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आप लोग जैसा गुरु अगर जीवन में मिल जाये तो मंजिल तक पहुंचना आसान हो जाता है। आप लोगों ने समाज को हमेशा ही कुछ न कुछ दिया है।

सिखों ने कभी मांगा नहीं हमेशा दिया है। अब समय आ गया है कि सेवा के साथ राजनीति में भी उतरना है क्योंकि अपनी आवाज लोगों तक पहुंचानी है। उन्होंने कहा कि दक्षिण कोलकाता में हिन्दीभाषी व सिख समुदाय को कोई भी परेशानी है तो उसे जरूर बतायें, बातचीत से ही हल निकाला जा सकता है।

कार्यक्रम में सरदार मनजीत सिंह (जीती भाई) को दक्षिण कोलकाता हिन्दी प्रकोष्ठ का अध्यक्ष बनाने की घोषणा की गयी। कार्यक्रम के दौरान कई लोग तृणमूल में शामिल हुए।

ममता बनर्जी ने कभी भी बंगाली व नॉन बंगाली नहीं की

विवेक गुप्त ने कहा कि हिन्दी प्रकोष्ठ का उद्देश्य है कि जिनसे जुड़ाव था उसे और मजबूत करना है और जिनसे जुड़ाव नहीं है उनसे जुड़ना है। वोट देने के समय क्या होगा, नहीं होगा वह बाद की बात है मगर दीदी सीएम ममता बनर्जी ने कभी भी बंगाली व नॉन बंगाली नहीं की है।

उनका एक साधारण फार्मूला है, यहां रहने वाले बंगाली हैं, अगर मुझे बंगला बोलना नहीं आता है इसका मतलब यह नहीं कि मैं बंगाली नहीं हूं। बात करें योजनाओं की तो कोई भी यो​जनाएं किसी वर्ग विशेष के लिए नहीं बल्कि सभी के लिये होती हैं। बात करें शिक्षा की तो राज्य सरकार ने शिक्षा पर विशेष जोर दिया है।

यहां 2010 में 1100 हिन्दी माध्यम स्कूल थे और आज 1600 हैं। हिन्दीभाषियाें के लिए सरकार ने काम काफी किया है। कृषि बिल पर विवेक गुप्त ने कहा कि हमारे किसान भाई-बहन का कसूर क्या है? वे बात ही तो करने आये थे। यह खुशी की बात है कि बंगाल में ऐसी स्थिति नहीं है। कार्यक्रम में मौजूद प्रकोष्ठ के प्रेसिडेंसी रेंज के कन्वेनर राजेश सिन्हा ने कहा कि दीदी हमेशा ही सभी को बराबर का दर्जा देती हैं।

‘समाज का सर नीचा नहीं होने देंगे’

सरदार मनजीत सिंह ने कहा कि सेवा का काम हम लंबे समय से करते आये हैं। ऐसा नहीं है कि हम केवल सिख भाई चारे तक ही है बल्कि हमारे पास किसी भी वर्ग का आदमी आता है तो हमारी पूरी कोशिश करती है कि उसे निराश नहीं होने दू। अब ममता बनर्जी ने विवेक गुप्त जी ने बहुत बड़ी जिम्मेदारी दी है, उम्मीद करता हूं कि उनकी उम्मीदों पर खड़ा उतरूंगा। समाज का सिर नीचा नहीं होने दूंगा।