शिवराज जी इतना झूठ मत बोलो कि झूठ भी शर्मा जाये

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मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (Madhya Pradesh Ex Chief Minister Kamalnath) ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Chief Minister Shivraj Singh Chouhan) की आज मंदसौर-आगर (Mandsaur by Elactions, Agar By Elections) व हाटपिपलिया (Hatpiplya By Elctions) की सभाओं में दिये संबोधन

व परोसे झूठ पर पलटवार करते हुए कहा कि अपने सम्बोधन में शिवराज सिंह कह रहे थे कि कमलनाथ सरकार (Kamalnath Government) ने किसानों (Farmers Loan waiver) के साथ धोखा किया। उनका सिर्फ फसल ऋण ही माफ किया और वो भी दो लाख तक का ही कर्जा माफ किया, एक ही खाते का माफ किया।

शिवराज जी , हमने तो खाली खजाने से भी 27 लाख किसानों का कर्ज माफ किया और हमारी सरकार रहती तो जो किसान बचे थे उनका भी कर्ज माफ हो जाता। यह तो आपकी सरकार ने खुद विधानसभा में लिखित रूप में स्वीकारा है। हमने अपने वचन पत्र में किसान कर्ज माफी का वचन दिया था और उसे पूरा किया।

आपने तो 2008 के अपने घोषणा पत्र में किसानो के 50 हज़ार तक के कर्ज माफ़ी का वादा किया था और उससे भी आप मुकर गए , उसे भी आज तक पूरा नहीं किया।

यदि आज आपको लगता है कि हमने 2 लाख तक का ही कर्ज माफ किया है, फसल ऋण ही माफ किया है, एक ही खाते का माफ किया है तो अभी तो आप मुख्यमंत्री हो,

खुद को किसान हितेषी बताते हो, किसान पुत्र बताते हो, आपकी सरकार है, कर दो घोषणा कि सारे किसानों के क़र्ज़, सारे खातों के, सभी तरह के, जितनी भी राशि के होंगे, एक समय सीमा में हमारी सरकार माफ़ करेगी। किसने रोका है? खुद कुछ करना नहीं और कांग्रेस सरकार की कमियां निकालना है।

उसे छोड़कर आप भी किसानो के लिये कुछ करके दिखाओ। इसके बाद कमलनाथ ने कहा कि शिवराज जी कितना झूठ बोलते है और कैसे दूसरों का यश अपने खाते में लेते हैं। उसका नमूना आज उनकी सभाओं में देखने को मिला।किसानों को कह रहे थे कि मैंने 6 माह में आपके खाते में 23 हज़ार करोड की राशि डाल दी।

कितना बड़ा सफेद झूठ, कितना हास्यादपद, इसमें उन्होंने बीमा कंपनी की राशि भी जोड़ दी, प्रधानमंत्री सम्मान निधि के पैसे भी जोड़ दिए, किसानों की फसले खराब पर उन्हें एक पाई का भी मुआवजा भी आज नहीं मिला है, उसके भी 4 हज़ार करोड रुपए उन्होंने खुद ही जोड़ दिए, समर्थन मूल्य की खरीद के पैसे भी जोड़ दिए

ऐसे कई पैसे उन्होंने जोड दिये? कितना झूठ बोलते हैं शिवराज कि झूठ भी शर्मा जाता है। बड़ा ही शर्मनाक है कि अपने भाषणों में वह सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि गरीबों को मिलने वाला राशन आटा-नमक, मध्यान्ह भोजन योजना, छात्रवृत्ति योजना की राशि का भी जिक्र कर रहे हैं थे।यह सारी योजनाएं वर्षों से चली आ रही है

यह किसी सरकार की कोई उनके लिए सौगात नहीं है, यह प्रदेश की जनता का हक है, जिसे देना हर सरकार का कर्तव्य है और उसे भी वह इस तरह से गिना रहे हैं कि यह कोई शिवराज सरकार की योजना है? यह तो जब शिवराज जी जब आप प्रदेश के मुख्यमंत्री भी नहीं बने थे

तब भी यह नागरिकों को मिलता था और आप मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे, तब भी मिलता रहेगा। शिवराज जी आप इतना झूठ क्यों बोलते हैं?